नमस्कार! दोस्तों visitmeindia.blogspot.com site पर आपका स्वागत है यहाँ आज हम आप सभी के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओ में इतिहास से पूछे जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण प्रश्नों को प्रस्तुत करेंगे जो अक्सर IAS,PCS,SSC,IBPS आदि प्रतियोगी परीक्षाओ में पूछे जाते है. ये प्रश्न कई भागो में यहाँ प्रस्तुत किया जायेगा यहाँ अध्ययन सामग्री को सरलतम तथा परीक्षा की दृष्टी को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया जायेगा.
यहाँ आप सभी को विगत वर्सो में पूछे गए प्रश्नों के साथ -साथ आगामी परीक्षा में आ सकने वाले प्रश्नों को सामिल किया जायेगा.
तो आइये शुरू करते है इतिहास भाग -१ को,
यहाँ आप सभी को विगत वर्सो में पूछे गए प्रश्नों के साथ -साथ आगामी परीक्षा में आ सकने वाले प्रश्नों को सामिल किया जायेगा.
तो आइये शुरू करते है इतिहास भाग -१ को,
HISTORY PART -1 (प्राचीन भारत )
पाषाण काल को निम्न 3 प्रमुख भागो में बाटा गया है -
१. पुरा पाषाण काल (35000 -10000 B.C.)
२. मध्य पाषाण काल (10000 -5000 B.C.)
३. नव पाषाण काल (5000 -2500 B.C.)
1. पुरा पाषाण काल (Paleolithic Age)
- पत्थर के औजारों का प्रयोग करना प्रारंभ हुआ
- इस काल में मनुष्य असभ्य था
- अनगढ़े तिरछे पत्थर के औजार
- आग का आविष्कार भी हुआ
- पाषाण कालीन प्रमुख स्रोत निम्न स्थानों से प्राप्त हुए है - कुर्नूल(आंध्रा प्रदेश), पल्ल्वरम (तमिलनाडु), राजस्थान के डीडवाना(नागौद), बागौर (भीलवाड़ा),मांडपिया (चित्तौरगढ़) इन स्थानों से पुरा पाषाण कालीन अवशेष प्राप्त किये गए है.
- इसे सोहन संस्कृति भी कहा जाता है.
इस संस्कृति को सोहन संस्कृति इसलिए कहा गया क्योकि इसी समय काल में जावा, सुमात्रा, इंडोनेशिया से भी अवशेष प्राप्त हुए यहाँ की संस्कृति को सोहन संस्कृति कहा जाता है इसलिए सामान काल में संस्कृति के विकाश के कारन सोहन संस्कृति कहा गया.
2. मध्य पाषाण काल (Mesolithic Age)
- तीखे नुकीले पत्थर के औजारों का निर्माण।
- पशुपालन के साक्ष्य भी प्राप्त हुए है- आदमगढ़(म.प्र.)
3. नव पाषाण काल (Neolithic Age)
- अलग - अलग कार्यो हेतु अलग - अलग औजारों का निर्माण शुरू हुआ.
- मानव एक जगह बस्तियों में रहना सिख गया
- खेती करने लगा
- इसी काल में प्रथम वैज्ञानिक खोज हुई अर्थात पहिये का आविष्कार हुआ
- इस समय के प्रमुख प्राप्त स्थल निम्न है - टोंस नदी घाटी (u.p.), आहड़ (उदयपुर), गिलूण्ड, गणेश्वर आदि है. नव पाषाणकालीन प्रथम स्थल टोंस नदी घाटी थी जिसे ले मेंसुरियर ने खोजा था।
महत्वपूर्ण प्रश्नो पर एक नजर -
- भारत में सर्व प्रथम पाषाणकालीन उपकरणों की खोज - डॉ. प्रिमरोज ने 1842 में कर्णाटक के लिंगसुगुर स्थान से की।
- पाषाणकालीन शिल्पकारी की खोज - जॉन इवांस ने 1853 में नर्मदा की घाटी जबलपुर में की।
- पल्ल्वरम नामक पाषाणिक स्थल की खोज - रोबर्ट ब्रुशफुट ने 1863 में की यह एक भू -वैज्ञानिक थे।
- पृथ्वी का प्राचीनतम मानव - अफ्रीका की नीग्रॉइट प्रजाति मानी जाती है, भारत में इसी प्रजाति के मानव के साक्ष्य हथनौर(म.प्र.), सराय नाहर एवं महदहा से प्राप्त हुए है।
- शैल चित्र के प्रथम साक्ष्य - भीमबेटका (म.प्र.) से प्राप्त हुए है।
- कृषि के प्रथम साक्ष - मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) से प्राप्त हुए है।
- धान की खेती के प्रथम साक्ष्य - कोल्डिहवा (प्रयागराज) से प्राप्त हुए है।
- पशुपालन के प्रथम साक्ष्य - आदमगढ़ व् बागौर से प्राप्त हुए है।
- मानव द्वारा प्रयुक्त प्रथम धातु - तांबा है।
- शुतुरमुर्ग के साक्ष्य - पटने पुरास्थल महाराष्ट्र से हुई है।
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